कोरिया /छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी गांवों में रोका छेका अभियान शुरू किया है। इस अभियान में पारंपरिक खेती के तरीकों को पुनर्जीवित करने और खरीफ फसलों को आवारा, घूमंतू मवेशियों द्वारा खुले चरने से बचाने व सड़कों में मवेशियों के कारण होने वाले दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास है।

रोका-छेका अभियान से मवेशियों को गौठान में सुरक्षित रखकर गोबर एकत्र कर, जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। 


इस कड़ी में कोरिया जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के सख्त निर्देश का ही असर रह कि रोका छेका अभियान में तेजी देखने को मिल रहा है। जनपद पंचायत, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत के सचिव व गौठान समितियों के सदस्यों की ओर से सड़कों से मवेशियों को हटाने का मुहिम चलाया जा रहा है। देर रात तक विभिन्न सड़को, चौक-चौराहे पर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लेते हुए आवारा मवेशियों को हटाने, पशुओं को चिन्हित करते हुए पशु पालकों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है वहीं घुमन्तू मवेशियों को गौठान में रखने की व्यवस्था की गई है।

घुमन्तू मवेशी मालिकों से अर्थदण्ड :

लगातार देर रात सड़कों व सड़क किनारे बैठे जानवरों को हटाया जा रहा है, साथ ही सड़कों पर मवेशियों को नहीं छोड़ने के लिए मवेशी मालिकों को समझाइश भी दे रहे हैं। बार-बार समझाने के बावजूद मवेशियों को सड़को पर छोड रहे हैं ऐसे मवेशी मालिको को चिन्हित कर अर्थदण्ड भी वसूल किया जा रहा है। नगर पालिका शिवपुर-चरचा में छह, जनपद पंचायत सोनहत के ग्राम पंचायत कटगोड़ी के दो व जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के 21 घुमन्तू, मवेशी मालिकों से 3700 रुपए इस तरह सात हजार रुपए से अधिक की जुर्माना पशु मालिकों पर लगाया गया है।

घुमन्तू व सड़क में बैठे मवेशियों को रेडियम बेल्ट : 

सम्बंधित विभाग के कर्मियों द्वारा सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को रेडियम बेल्ट भी पहनाया जा रहा है ताकि रात के समय सड़क दुर्घटना से बचा जा सके।

टोल फ्री नम्बर से शिकायत-सुझाव-समाधान : 

सड़कों पर बैठे मवेशियों को हटाने के लिए टोल फ्री नम्बर 1100 को भी शामिल किया गया है ताकि मवेशियों को हटाने सम्बंधी कार्यवाही की जा सके।