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अधीनस्थ न्यायालयों को शस्त्र मुक्त क्षेत्र घोषित करने के सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ / मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईकोर्ट समेत प्रदेश के समस्त न्यायालय परिसरों की सुरक्षा और अधिक बेहतर करने संबंधी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने को कहा है। इस बाबत जिला न्यायाधीशों की अध्यक्षता में बार के सदस्यों के साथ बैठक कर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और न्यायालय परिसर में शस्त्र लेकर प्रवेश न किए जाने के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ न्यायालयों को ’द आर्म्स रूल 2016’ के नियम 46 के अन्तर्गत अग्न्यायुध मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाए। 

👆मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी न्यायालय परिसर कोई भी अप्रिय घटना न होने पाए। 

जिला न्यायालयों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा एसओपी बनाई गई है। प्रदेश के जनपदीय न्यायालयों में 71 सुरक्षा प्रभारी निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक, 22 निरीक्षक, 240 उपनिरीक्षक, 522 मुख्य आरक्षी और 1772 आरक्षी तैनात हैं। 

इसके अलावा क्यूआरटी में 60 उपनिरीक्षक, 112 मुख्य आरक्षी और 256 आरक्षी तैनात हैं। उन्होंने न्यायालय परिसर में सुरक्षा के लिए लगे उपकरणों की जांच करने और उनको दुरुस्त रखने के निर्देश दिए है। उन्होंने बार के सदस्यों के साथ बैठक कर वादकारियों, वकीलों एवं आने-जाने वाले व्यक्तियों की नियमित जांच कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा है। उन्होंने न्यायालयों में सीसीटीवी लगाने और प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात करने को कहा है।


वहीं डीजीपी विजय कुमार ने सावन मेला, जगन्नाथ रथ यात्रा, मोर्हरम, बकरीद आदि पर्वों के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। विशेष डीजी कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि आगामी पर्वों को दृष्टिगत रूट डायवर्जन का प्लान समय से तैयार करा लिया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को आवागमन में असुविधा न हो। इस दौरान सचिव गृह एवी राजामौलि व बीडी पालसन सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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